बाराबंकी में सात दोस्तों का एक्सीडेंट : बलिया के एक युवक समेत चार की मौत, दिवंगत शिक्षक नेता तेज प्रताप सिंह का पुत्र हैं

बाराबंकी/बलिया : उत्तराखंड के कैंची धाम दर्शन के लिए निकले सात दोस्तों की गाड़ी हादसे का शिकार हो गई। लखनऊ-सुल्तानपुर हाइवे पर स्थित हैदरगढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत भिखरा गांव के पास तेज रफ्तार इनोवा आगे जा रहे ट्रेलर में पीछे से घुस गई। हादसा इतना भीषण था कि इनोवा के परखच्चे उड़ गए। उसमें सवार सभी सात दोस्त अंदर ही फंसे रहे। राहगीरों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने आस-पास के लोगों की मदद से सभी को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने चार को मृत घोषित कर दिया। वहीं, तीन को ट्रामा सेंटर लखनऊ भेज दिया गया है।

 मृतकों में एक युवक बलिया के रसड़ा कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत रामपुर का रहने वाला है, जो प्राथमिक शिक्षक संघ रसड़ा के दिवंगत अध्यक्ष तेज प्रताप सिंह का ज्येष्ठ पुत्र है। घटनास्थल का दृश्य मौजूद लोगों को अंदर तक झकझोर दिया। 

बताया जा रहा है कि इनोवा सवार युवक वाराणसी से कैंची धाम दर्शन करने के लिए निकले थे। मंगलवार तड़के करीब 3 बजे उनकी गाड़ी लखनऊ-सुल्तानपुर हाईवे पर हैदरगढ़ क्षेत्र में भिखरा गांव के पास हादसे की शिकार हो गयी। 

घटना के बाद राहगीरों और आसपास के लोगों की जुटी भीड़ ने कार में फंसे युवकों को बाहर निकालना शुरू किया। सभी को अस्पताल पहुंचाया गया। वहां पर तीन की हालत नाजुक देखते हुए डॉक्टरों ने ट्रॉमा सेंटर, लखनऊ के लिए रेफर करने के साथ ही चार को मृत घोषित कर दिया।


मृतकों में इनोवा सवार मुगलसराय चंदौली निवासी राहुल कुमार (36) पुत्र संजय कुमार, गाजीपुर के गैबीपुर निवासी राहुल सिंह (35) पुत्र अजय प्रताप सिंह, बलिया के रसड़ा रामपुर निवासी सत्यम सिंह (38) पुत्र स्वर्गीय तेज प्रताप सिंह और सूरज यादव (35) की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, मिर्जापुर के चुनार निवासी चंदन सिंह (35) और पंकज सिंह (34) तथा बलिया के बेला निवासी प्रशांत की हालत नाजुक बनी हुई है। हादसे की सूचना मिलते ही परिजन रोते बिलखते पहुंचे। पुलिस ने चारों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया है। लोग यही कहते रहे कि जो युवक सुबह मंदिर में माथा टेकने वाले थे, उनके घरों में अब अंतिम यात्रा की तैयारी हो रही है। 

प्राथमिक शिक्षक संघ रसड़ा के अध्यक्ष रहे तेज प्रताप सिंह का असमय निधन चार साल पहले हो गया था। उनकी चौथी पुण्यतिथि 11 जून को मनाई जानी थी, जिसकी तैयारी में शिक्षक जुटे थे। इस बीच, हादसे में उनके बड़े पुत्र सत्यम सिंह की मौत ने शिक्षा जगत को झकझोर दी है। प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष जितेन्द्र सिंह व चिलकहर के शिक्षक अनिल सिंह सेंगर ने कहा कि यह घटना हम सभी के लिए असहनीय है। उन्होंने सिर्फ इतना भर बताया कि, हम सभी वहीं रहे है।

बताया जा रहा है कि हादसे का शिकार हुए सभी लोग आपस में करीबी मित्र थे। सभी वाराणसी और आसपास के अलग-अलग जिलों के रहने वाले हैं। कैंची धाम यात्रा के लिए वाराणसी में एकत्र हुए थे। वहां से सभी लोग इनोवा से उत्तराखंड के लिए रवाना हुए थे। रास्ते में हैदरगढ़ क्षेत्र के भिखरा गांव के पास यह हादसा हो गया।


Comments